MOOR-050 वो पूरी तरह काँप रही थी! साओरी त्सुजी बहुत ज़्यादा संवेदनशील थी, संयम और यौन उत्तेजना ने उसे चरम सीमा पर पहुँचा दिया था। उसकी मुस्कान कामोन्माद के भावों से जुड़ी हुई थी, पिस्टन जैसे धक्कों के साथ, उसे अनंत आनंद में डुबो रही थी। - साओरी त्सुजी
2046
0